राजस्थान सड़क सुरक्षा शिक्षा एवं जागरूकता मिशन
राजस्थान सड़क सुरक्षा शिक्षा एवं जागरूकता मिशन राजस्थान सड़क सुरक्षा सोसायटी द्वारा शुरू किया गया पहला मिशन है। यह परियोजना हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड उदयपुर द्वारा वित्त पोषित की गयी है। सर्वप्रथम यह परियोजना ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ मोटर व्हीकल डिपार्टमेंट टेक्निकल एग्जीक्यूटिव ऑफिसर्स एसोसिएशन तथा राजस्थान परिवहन संरक्षक संघ के सहयोग से संचालित की गई थी। इस परियोजना के तहत एक सुसज्जित अनुकूलित मोबाइल वैन का निर्माण किया गया था जिसमें ऑडियो विजुअल एवं पब्लिक एड्रेस सिस्टम शामिल है। इसके अतिरिक्त, परियोजना को चलाने के लिए पर्याप्त स्टाफ नियुक्त किया गया था जिसमें प्रोजेक्ट हेड, प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर, रोड सेफ्टी इंस्ट्रक्टर, ऑफिस एग्जीक्यूटिव और वैन ड्राइवर शामिल थे। यह परियोजना जुलाई 2013 में शुरू हुई और लगभग पांच वर्षों तक जारी रही।
परियोजना के अंतर्गत स्कूली बच्चों, व्यावसायिक चालकों और ग्रामीणों जैसे विभिन्न सामुदायिक समूहों के बीच जागरूकता पैदा करने के लिए विभिन्न तरीकों का इस्तेमाल किया गया। परियोजना के तहत संचालित गतिविधियों में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम, कार्यशालाएं, अभियान और प्रतियोगिताएं शामिल थीं। परियोजना के पूरे कार्यकाल में लगभग 3,800 सत्र आयोजित किए गए, जिसमें 5.35 लाख लोग लाभान्वित हुए। समस्त गतिविधियां राजस्थान के पांच जिलों यथा अजमेर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, राजसमंद और उदयपुर में आयोजित की गईं।
हेलमेट प्रोत्साहन, शिक्षा, जागरूकता एवं अनिवार्यता अभियान
राजस्थान में सड़क हादसों में हर वर्ष लगभग 10,500 लोगों की जान चली जाती है, जिसमें से कुल मौतों में से 35 प्रतिशत दोपहिया वाहन चालक होते हैं। दोपहिया वाहन चालकों की मौत के पीछे प्रमुख कारणों में से एक मानक हेड गियर (हेलमेट) का उपयोग नहीं करना। लोगों का एक बड़ा समूह है, विशेष रूप से उप-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में, जहां लोग या तो हेलमेट नहीं पहनते हैं या घटिया हेड गियर का उपयोग करते हैं, जिससे सिर में गंभीर चोट लगती है जिसके फलस्वरूप सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है।
इस मुद्दे पर कार्य करने हेतु, राजस्थान सड़क सुरक्षा सोसायटी ने एक पहल की और हेलमेट प्रोत्साहन, शिक्षा एवं जागरूकता अभियान की शुरुआत की। इस परियोजना के तहत सोसाइटी द्वारा संचालित सड़क सुरक्षा प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले व्यक्तियों को 50% छूट पर IS-4151 चिह्नित मानक हेड गियर्स प्रदान करने के लिए सोसायटी ने भारत में हेलमेट निर्माण कंपनी स्टीलबर्ड के साथ एक समझौता किया। अभियान का विषय "सर सलामत से सब सलामत, युवा जगत से देश जगत" है। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को सड़क सुरक्षा एम्बेसडर अथवा सड़क सुरक्षा अग्रदूत शीर्षक दिया गया है।
सितंबर 2021 तक सोसायटी ने जयपुर, अजमेर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, राजसमंद और उदयपुर सहित राजस्थान के विभिन्न जिलों में 40,000 से अधिक सड़क सुरक्षा अग्रदूतों को सफलतापूर्वक प्रशिक्षण प्रदान किया है। परिवहन विभाग राजस्थान एवं भीलवाड़ा सरस डेयरी के सहयोग से राजस्थान सड़क सुरक्षा सोसायटी ने क्षेत्र के स्टॉक किसानों और दूध उत्पादकों को 15,000 ब्रांडेड आईएसआई मार्क हेडगियर वितरित कर कीर्तिमान स्थापित किया है। कार्यक्रम का उद्घाटन 09 जुलाई 2020 को राजस्थान के माननीय मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया। माननीय मुख्यमंत्री ने दो स्टॉक किसानों को मानदेय भी प्रदान किया और सड़क सुरक्षा अग्रदूत की उपाधि दी।
शून्य दुर्घटना स्ट्रेच
विशेष रणनीति के तहत, सोसाइटी बेसलाइन सर्वे, ट्रैफिक वॉल्यूम सर्वे, रोड सेफ्टी ऑडिट, इसके बाद पिछले पांच वर्षों के रोड क्रैश डेटा के संग्रह और विश्लेषण जैसी विभिन्न गतिविधियों को लागू कर जीरो दुर्घटना स्ट्रेच बनाने की दिशा में काम कर रही है। इन सर्वेक्षण रिपोर्टों को तैयार और विश्लेषण किया गया और परिणाम के आधार पर चयनित हिस्सों पर दुर्घटनाओं और मौतों की संख्या को कम करने के लिए कई सुझाव तैयार की किये गए हैं। इन सुझावों को संबंधित हितधारक विभागों के साथ साझा किया है ताकि लक्ष्यों को पूरा करने के लिए उचित कार्रवाई की जा सके। पूर्व चिन्हित क्षेत्रों में शिक्षा, प्रवर्तन और स्वास्थ्य अभियान के माध्यम से भी जागरूकता पैदा की गई है। परियोजना के अंत में परियोजना के प्रभाव और यहां की जा रही गतिविधियों का आकलन करने के लिए एक वर्ष के पश्चात् उक्त स्ट्रेच पर एक और सर्वेक्षण भी किया गया। सोसायटी ने राजस्थान में पांच जिलों के 16 हिस्सों में कार्य किया है।
मोस्ट सेफ स्कूल अवार्ड
राजस्थान सड़क सुरक्षा सोसाइटी ने उदयपुर में "मोस्ट सेफ स्कूल अवार्ड" नामक एक पायलट परियोजना शुरू की जो नवंबर 2016 से आरम्भ होकर जनवरी 2017 तक जारी रही। इस परियोजना को यातायात पुलिस एवं राजस्थान पत्रिका (उदयपुर) द्वारा समर्थन प्रदान किया गया। इस परियोजना का उद्देश्य स्कूली बच्चों के सुरक्षित परिवहन को बढ़ावा देना था। परियोजना के तहत उदयपुर के विभिन्न स्कूलों में सड़क सुरक्षा आधारित शिक्षा, गतिविधियों एवं प्रवर्तन अभियान चलाए गए। सभी स्कूलों में रोड सेफ्टी क्लब बनाकर सक्रिय किये गए। सड़क सुरक्षा क्लब के सदस्यों को स्कूल में नियमित सड़क सुरक्षा जांच शिविर आयोजित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। विद्यालयों की भागीदारी एवं प्रदर्शन के आधार पर, स्कूलों और प्रतिभागियों को निम्नलिखित श्रेणियों के लिए एक भव्य समापन समारोह में सम्मानित किया गया:
- मोस्ट सेफ स्कूल
- श्रेष्ठ चालक
- श्रेष्ठ रोड सेफ्टी क्लब
- एक्सीलेंस अवार्ड