संस्था

राजस्थान सड़क सुरक्षा सोसायटी का परिचय

राजस्थान सड़क सुरक्षा सोसाइटी एक पंजीकृत गैर-लाभकारी संस्था है जो सड़क सुरक्षा पर कार्य कर रही है। वर्ष 2015 में पंजीकृत होने के पश्चात् संस्था निरंतर सड़क सुरक्षा के सामाजिक सरोकार के लिए कार्यरत है। संस्था सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1958 के तहत पंजीकृत है और आयकर अधिनियम, 1961 के तहत 80जी एवं 12ए के लिए भी प्रमाणित है। संस्था नीति आयोग, भारत सरकार के दर्पण पोर्टल में भी पंजीकृत है, जिसकी पंजीकरण संख्या आरजे/2016 /010832 है। सोसायटी ने ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ मोटर व्हीकल डिपार्टमेंट टेक्निकल एग्जीक्यूटिव ऑफिसर्स एसोसिएशन और राजस्थान परिवहन संरक्षक संघ के संयुक्त तत्वाधान में भी कार्य किया है। सोसाइटी में सड़क सुरक्षा हितधारकों के विभिन्न विशेषज्ञ जैसे ट्रॉमा विशेषज्ञ, सड़क सुरक्षा लेखा परीक्षक, दुर्घटना विश्लेषक, राजमार्ग अभियंता, शिक्षाविद, परिवहन विशेषज्ञ और मीडिया विशेषज्ञ आदि सम्मिलित हैं। सोसाइटी के पास एलसीडी टीवी, प्रोजेक्टर और पब्लिक एड्रेस सिस्टम इत्यादि उपकरणों से सुसज्जित एक सड़क सुरक्षा मोबाइल वैन भी उपलब्ध है।

संस्था के लक्ष्य एवं उद्देश्य

सड़क सुरक्षा के 6E यथा वाहन अभियांत्रिकी, सड़क अभियांत्रिकी, शिक्षा, प्रवर्तन, आपातकालीन देखभाल और पर्यावरण की अभियांत्रिकी के कार्यान्वयन के माध्यम से सभी सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए सुरक्षित सड़क संस्कृति और पर्यावरण विकसित कर सड़क दुर्घटनाओं और मृत्यु में कमी लाना।

संस्था के उद्देश्य

  • भारत के संविधान में सूचीबद्ध प्रावधानों का सम्मान करते हुए केंद्र सरकार के प्रति पूरी निष्ठा के साथ कर्तव्यों का पालन करना।
  • राज्य में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए सड़क सुरक्षा शिक्षा के माध्यम से आमजन में जागरूकता लाना।
  • विभिन्न शिक्षण संस्थानों के छात्रों को सड़क सुरक्षा हेतु प्रशिक्षण प्रदान करना।
  • राज्य में प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण (टीओटी) देकर सड़क सुरक्षा प्रशिक्षक तैयार करना।
  • कुशल चालकों के समूह तैयार करने के लिए चालक प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना करना।
  • सड़क सुरक्षा के मुद्दों पर अनुसंधान और विश्लेषण करना।
  • सड़क सुरक्षा अंकेक्षण, विश्लेषण और सड़क दुर्घटनाओं के पुनर्निर्माण पर कार्य करना।
  • सुरक्षित सड़क संस्कृति विकसित करने के लिए आम सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए वाहन और सड़क मानकों का प्रचार करना।
  • मौजूदा परिवहन व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार को सुझाव देना।
  • सड़क सुरक्षा और अन्य सड़क सुरक्षा संस्थानों से संबंधित महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों की स्थापना करना।
  • राज्य में गैर-लाभकारी संगठन के रूप में सड़क सुरक्षा पर काम करना एवं अन्य संस्थाओं को इस उद्देश्य के लिए काम करने के लिए प्रोत्साहित करना।
  • सड़क दुर्घटना पीड़ित की मदद करने वाले अच्छे मददगार की पहचान कर उन्हें पुरस्कृत करना।
  • सड़क सुरक्षा जागरूकता पैदा करने के लिए प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के साथ समाचार पत्र, पत्रिका का प्रकाशन।
  • सड़क सुरक्षा पर पुस्तिकाओं और साहित्य का प्रकाशन करना।
  • समाज में स्वच्छ, स्वस्थ और सुरक्षित सड़क संस्कृति का विकास करना।
  • लोकगीत संगीत और नृत्य के माध्यम से सड़क उपयोगकर्ताओं के व्यवहार में बदलाव लाना।
  • सड़क सुरक्षा और संबंधित मुद्दों पर अन्य संगठनों के सहयोग से कल्याण के लिए कार्य करना।
  • जनता के कल्याण के लिए सार्वजनिक परिवहन में सुधार के उपाय सुझाना।
  • परिवहन में सुधार के लिए कानूनी और तकनीकी पहलुओं का अध्ययन करके इंटेलीजेंट परिवहन प्रणाली पर आधारित उपायों को लागू करना।
  • सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में कार्यरत संगठनों का सहयोग एवं सहायता करना।
  • हेलमेट लीडर्स को बढ़ावा देने के लिए रोड सेफ्टी ट्रेनर तैयार करना।
  • आमजन के हित में सड़क सुरक्षा से जुड़े समस्त कार्य करना।